त्रिफला लें और बीमारियों को दूर रखें

त्रिफला लें और बीमारियों को दूर रखें

राजीव दीक्षित जी अपने व्याख्यान में कहते हैं कि इस संसार में वात, पित्त तथा कफ नाषक औषधि मिले बहुत कम, मिल तो सकती हैं मगर वे वात, पित्त तथा कफ़ में से किन्ही दो को खत्म करेंगी, तीनों को खत्म करने वाली औषधि बहुत कम मिलती हैं.

तो ऐसी ही एक औषधि का वर्णन करते हुए राजीव भाई बताते हैं त्रिफला के बारे में. राजीव भाई इसे अमृत तत्व का नाम देते हैं.

बनाने कि विधि:

राजीव भाई कहते हैं इसको बनाने के लिए आँवला, बहेड़ा तथा हरडे तीनों को पिसकर 3:2:1 के अनुपात में मिला लें. बराबर मात्रा में बिलकुल न मिलाएं.

एक और बात बाज़ार का त्रिफला न लाएं, सामान लाकर घर पर बनाएं क्योंकि बाज़ार के त्रिफला में मिलावट हो सकती है और परिणाम पर असर पड़ेगा फिर आप कहोगे कि ये तो बिलकुल फायदेमंद नहीं है.

सेवन कि विधि:

राजीव भाई इसके सेवन के बारे में कहते हैं कि त्रिफला कभी अकेला न लें अगर ले भी तो केवल तीन महीने तक लें बाद में एक महीना न लें फिर तीन महीना ले सकते हैं. अगर लगातार इसका सेवन करते हैं तो इसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं जैसे शरीर में कमजोरी आ जाती है इत्यादि. गुड या शहद के साथ लें. दूध के साथ भी ले सकते हैं. पानी के साथ लें मतलब अकेला.

अब बात आती है कि त्रिफला का सेवन सुबह करें या शाम को :

इसके बारे में राजीव भाई कहते हैं कि अगर आप इसका सेवन सुबह करते हैं तो गुड या शहद के साथ लें, दूध ना लें. आप त्रिफला को गुड या शहद में अच्छे से मिलाकर फिर सेवन करें.

त्रिफला लें और बीमारियों को दूर रखें

एक और बात सुबह खाली पेट ही इसका सेवन करें यानी खाना कहने से 40 मिनट पहले तो कम से कम अगर ज्यादा टाइम दें तो बहुत अच्छा. अगर सुबह लेते हैं तो यह पौषक है यानी विटामिन A, C, D, K इत्यादि और कैल्शियम, आयरन वगैरह इसमें मौजुद हैं. अगर आप श्वस्थ हैं तो त्रिफला सुबह ही लें शाम को न लें.

अब अगर शाम को इसका सेवन करना है तो कैसे करें और क्या फायदे हैं?

राजीव भाई इसके बारे में कहते हैं कि अगर आप इसका सेवन रात को करते हैं तो दूध के साथ करें. यह रात को रेचक है यानी कब्ज मिटा देगा. आप इसका सेवन खाना खाने के बाद करें.

त्रिफला लें और बीमारियों को दूर रखें

कुछ लोगों ने राजीव भाई से पूछा कि हमें तो डायबिटीज है तो हम शहद या गुड कैसे खाएं तो इसका जवाब देते हुए राजीब भाई कहते हैं कि आप भगवान का दिया हुआ सुगर खा सकते हैं जैसे कि फल इत्यादि कोई दिक्कत नहीं है.

अब एक आदमी ने उनसे पूछा कि मुंबई में एक scientist को radition से बीमारी हो गई जिससे उनका शरीर सड गया, मवाद निकलने लगा. वे कपडे भी नहीं पहन सकते थे. उन्होंने अमेरिका में अपना इलाज करवाया लेकिन कोई आराम नहीं हुआ. इसके बाद आपने (राजीव दीक्षित जी) उनको सममात्र का त्रिफला दिया और वो ठीक हो गए. तो आपने उनको सममात्र का त्रिफला क्यों दिया ?

राजीव भाई कहते हैं कि उनको जो बीमारी थी उसमें उनके शरीर में विटामिन C कि मात्रा बढ़ गयी थी, मतलब आँवला कम बहेड़ा तथा हरडे ज्यादा. तो उनको आराम मिला तथा वे श्वस्थ ही गए. रेडिएशन का इलाज अमेरिका में नहीं मगर त्रिफला में है. अगर अमेरिका वालों के पास त्रिफला हो तो वे इससे करोड़ों डॉलर कमा लें. और यह त्रिफला हमारे पास अत्यधिक मात्र में है.

महत्वपूर्ण बातें:

दिन में केवल एक बार ही त्रिफला का सेवन करें.

अधिक मात्रा में सेवन न करें.

आप अगर अकेला आँवला लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं, यह भी फायदेमंद है.

अगर आप श्वस्थ हैं तो त्रिफला सुबह ही लें शाम को न लें.

अगर सुबह लेते हैं तो यह पौषक है यानी विटामिन A, C, D, K इत्यादि और कैल्शियम, आयरन वगैरह इसमें मौजुद हैं.

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