स्वस्थ रहने के नियम

राजीव भाई ने भारत सरकार से भारतीयों के स्वास्थ्य कि एक रिपोर्ट मांगी तो भारत सरकार ने जो रिपोर्ट दी वह एक या दो पेजों कि नहीं थी बल्कि 600 या 700 पेजों कि थी. इस रिपोर्ट में जानकारों ने कहा था कि भारत कि जनता में केवल 25 से 30 करोड़ लोग ही स्वस्थ हैं बाकी सभी किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं.

राजीव भाई के द्वारा दिए गए कुछ व्याख्यानों में से हम आपको स्वस्थ रहने के लिए कुछ नियम बता रहें हैं जिससे आपका स्वास्थ्य सही रहे.

1  rajiv dixitसुबह उठते ही बिना कुला किए तीन से चार गिलास पानी के पीएँ. अब एक महत्वपूर्ण बात पानी को घूंट-घूंट करके पीएँ यानी पानी को थोड़ी देर अपने मुंह में रखें अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको कोई फायदा नहीं होगा.पानी घूंट-घूंट कर पीने से आपके मुंह में जो लार बनती है वो पानी के साथ मिलकर आपके शरीर में जाएगी जो बहुत जरुरी है. इससे जिन लोगों को मोटापा है उनका मोटापा कम हो जाएगा.

2  सुबह दातुन करें ना कि ब्रश या टूथपेस्ट क्योंकि टूथपेस्ट से कैंसर होता है. आप चाहें तो दन्त-मंजन कर सकते हैं, चाहे बाज़ार से ले आयें या घर पर बनाएं.

3  rajiv dixit teaचाय ना पिएँ क्योंकि यह हमारी तासीर के हिसाब से नहीं है यह यूरोप के देशों के लिए फायदेमंद है हमारे लिए नहीं, कॉफ़ी तो बिलकुल नहीं. अगर आप फिर भी चाय पिना चाहते हैं तो उसमें चीनी न डालें, गुड का उपयोग करें क्योंकि चीनी acidic है और गुड basic है तो चीनी acid को बढ़ाएगी जो हमारे शरीर में बहुत ज्यादा है और सुबह तो और अधिक होता है इसलिए चीनी कि जगह गुड का उपयोग करें. अब इसमें दूध न डालें क्योंकि दूध फट जाएगा. आप चाय लें वो चूरे वाली न हो, हरे पत्ते वाली चाय ही लें. आप इस चाय में थोडा सा निम्बू डाल लें ताकि यह neutralise हो जाये क्योंकि ज्यादा base भी हमारे शरीर के लिए हानिकारक है.

4  rajiv dixit foodभोजन बनाते समय अगर भोजन को हवा का स्पर्श तथा सूर्य का प्रकाश न मिले तो वह भोजन जहर है, उसका सेवन न करें. जैसे कि प्रेशर कुकर तथा माइक्रोवेव में बना भोजन न खाएं. एक और बात, सुबह जितना हो सके उतना हैवी भोजन खाएं और ज्यादा से ज्यादा खाएं. शाम का खाना सूरज ढलने से पहले कर लें तभी यह फायदेमंद है.
राजीव भाई तो यहाँ तक कहते हैं कि आप दोपहर का भोजन भी 9 बजे से पहले कर लें क्योंकि हमारी पाचन शक्ति उस वक़्त बहुत तेज होती है बाद में यह कम हो जाती है और भोजन जल्दी पचता है इसलिए आप जितना भी हैवी भोजन खाएंगें वह आसानी से पाच जाएगा. इसलिए आप सुबह ज्यादा से ज्यादा भोजन खाएं, दोपहर को उससे कम और शाम को सबसे कम.
आप भोजन जमीन पर बैठकर खाएं क्योंकि इस आशन में हमारे शरीर कि जठराग्नि अधिक तीव्र होती है, अगर आप कुर्सी पर बठते हैं तो जठराग्नि कम हो जाती है. आप भोजन करें तो थाली को थोडा सा ऊपर रखें. टेबल पर ना खाएं यह यूरोप के लोगों के लिए है क्योंकि वे ठण्ड के कारण जमीन पर नहीं बठ सकते. अगर आप श्रम का कम करते हैं तो आप उकडू बैठकर खाएं तो बहुत अच्छा. अगर आप dinning टेबल ले आए हैं तो कुर्सी पर भी वैसे ही बैठें जैसे जमीन पर बैठते हैं (यानी चौकड़ी मारकर). अगर लाए नहीं है तो आपसे निवेदन है कि आप dinning टेबल न लाएं.

5  rajiv dixit food2खाना खाने के 30 मिनट पहले पानी पीएँ और खाना खाने के 45 मिनट के बाद पानी पीएँ अगर ऐसा नहीं करेंगें और पानी पियेंगे तो इससे हमारी जठराग्नि शांत हो जाएगी और फिर खाना पचेगा नहीं सड़ेगा और अगर खाना सड़ेगा तो यह बीमारियाँ पैदा करेगा और इससे कैंसर तक हो सकता है तो आप ऐसा न करें.

6  खाना बनने के 40 मिनट के अन्दर भोजन कर लें, इसके बाद भोजन में मौजुद विटामिन्स वगैरह कम होने शुरू हो जाते हैं, यह भोजन हमारे शरीर को ज्यादा पौषक प्रदान नहीं करेगा. इसलिए बासी भोजन तो भूलकर भी ना करें.
अब एक और बात बच्चों को सुबह खाली पेट स्कूल में ना भेजें, उन्हें भोजन करा कर भेजें और टिफिन भी ना दें क्योंकि दोपहर तक उस भोजन में कोई भी पौषक तत्व नहीं बचेगा और इससे उनके शरीर को भी उतनी उर्जा नहीं मिलेगी. अब आप सोचेंगे कि सुबह-सुबह तो बच्चे भोजन नहीं करेंगे तो इसका उपाय है आप बच्चों को शाम को सूरज ढलने से पहले यानी 6 बजे तक भोजन करा दें तो उनको 8-9 बजे तक नींद आना स्वाभाविक है क्योंकि जब खाना पचेगा (एक या डेड घंटे बाद) तो नींद जरुर आती है और सुबह जब वे उठेंगें तो उनकों बहुत ज्यादा भूख लगी होगी और वो भोजन करके ही स्कूल जाएंगें.

7  अगर किसी को भोजन भेजना हो तो हो सके जल्दी भेजें ताकि उसके पौषक तत्व कम न हों तथा एल्युमीनियम कि फॉयल में लपेटकर बिलकुल भी ना भेजें. इसके साथ-साथ एल्युमीनियम के बर्तनों में भी भोजन ना करें. एल्युमीनियम के साथ खाना जहर के समान हो जाता है.

8  दिन में आप कम से कम 5 या 6 लीटर पानी पीएँ और ध्यान रखें पानी को घूंट-घूंट करके ही पीएँ.
पानी घूंट-घूंट कर पीने से आपके मुंह में जो लार बनती है वो पानी के साथ मिलकर आपके शरीर में जाएगी जो बहुत जरुरी है. इससे जिन लोगों को मोटापा है उनका मोटापा कम हो जाएगा.
पानी पीने का नियम है आप अपने वजन को 10 से भाग दें और 2 घटा दें और जो उत्तर आए उतना पानी पीएँ एक दिन में. जैसे कि अगर आपका वजन 70 किलो है तो अपने वजन को 10 से भाग दें और 2 घटा दें यानी आप 5 लीटर पानी पीएँ एक दिन में. इस तरह आप अपने वजन के हिसाब से पानी पीएँ.

9  फ्रिज में खाना न रखें और फ्रिज का पानी भी न पीएँ. आप मटके का पानी पीएँ क्योंकि उसका तापमान हमारे रूम temperature से दो या तीन डिग्री ही कम होता है मगर फ्रिज के पानी का temperture जीरो डिग्री होता है जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक है.

10  रिफाइंड तेल का उपयोग बिलकुल न करें, केवल शुद्ध सरसों के तेल का उपयोग करें. रिफाइंड तेल क्या है? जब सरसों के तेल में से चिकनाई हटा दी जाती है उसे रिफाइंड तेल का नाम दिया गया है और अगर दो बार चिकनाई हटा दी तो डबल रिफाइंड. अगर तेल में से चिकनाई हटा दी तो तेल में बचता क्या है, इसलिए आप केवल शुद्ध सरसों के तेल का उपयोग करें और हो सके तो बाज़ार से खरीदने कि बजाय जो सरसों का तेल निकलने वाले आते हैं उनसे निकलवा लें क्योंकि जो तेल बाज़ार में आता है वह मशीनो से निकल कर आता है जिसमें घर्षण के कारण पौषक तत्व कम हो जाते हैं. जब यह तेल धीरे-धीरे निकलता है तभी यह परिपूर्ण होता है.

11  अगर आप खाना खाने के बाद शहद खाएंगे तो आपके लिए बहुत अच्छा होगा इससे खाना पचने में सहायता मिलेगी.

12  राजीव दीक्षित जी कहते हैं कि आप विरुद्ध भोजन ना करें. जैसे कि दूध और प्याज एक साथ ना खाएँ, दूध और कटहल न खाएँ, दूध और ऐसी कोई फल साथ ना खाएं जो कि खट्टा हो, केवल एक ही खट्टा फल है जो आप दूध के साथ खा सकते है वो है आंवला, आम खाएं तो वो भी बिलकुल पका हुआ खाएं, घी और शहद एक साथ कभी न खाएं यह सबसे खतरनाक जहर है, एक और है दही के साथ कभी भी उड़द कि दाल कभी न खाएं, यह दाल सभी दालों कि राजा है तो आप लोगों से विनती है कि आप दही बड़ा तो बिलकुल नहीं खाएं अगर उसमें उड़द कि दाल का बड़ा है, अगर आपको खाना ही है तो दूसरी दालों से बना हुआ दही बड़ा खाएं. अगर आप ऐसा नहीं करेंगें और उड़द कि दाल का बड़ा खाएंगे तो आपका ब्लड प्रेशर बढ़ जाएगा और अगर हर रोज खाएंगें तो आपको दो या तीन महीने में आपको हार्ट अटैक आ जाएगा.