मिल गया गठिया बा का इलाज

मिल गया गठिया बा का इलाज

गठिया:

 

यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के अन्दर गांठे बन जाती हैं तथा इनमें दर्द शुरू हो जाता है. ये दर्द इतना भयानक होता है कि आप अपने शरीर को हिला भी नहीं सकते.

 

1.राजीव दीक्षित जी इसके सेवन के बारे में कहते हैं कि आप इस चूर्ण को एक चम्मच सुबह गर्म पानी के साथ लें, आपका घुटने, कमर का दर्द दो महीने में ठीक हो जाएगा.

2.राजीव दीक्षित जी कहते है कि इसकी दवा एक और है, चुना वही चुना जो पान में लगाकर खाते हैं. आप इसका सेवन सीधे-सीधे ना करें इससे जीभ कट जायेगी. इसे आप पानी में घोलकर, दाल, सब्जी, छाछ तथा दही में भी मिलाकर खा सकते हैं. कितना खाएं, आप एक कनक के दाने के बराबर इसे लेकर इसका सेवन कर सकते हैं. चुने में कैल्शियम होता है और शरीर में कैल्शियम कि कमी से ही शरीर में दर्द शुरू होता है, तो यह भी कारगर दवा है.

3.राजीव दीक्षित जी अब एक और औषधि का वर्णन करते हैं कि आप पारिजात/परिजात/पारिजातक/हारसिगा नामक पौधे (जिसके सफ़ेद फूल आते हैं, साल में दो या तीन महीने ही. फूल कि डंडी लाल रंग कि होती है. केवल रात में फूल खिलते हैं तथा सुबह गिरे हुए मिलते हैं. फूलों कि खुशबू बहुत तेज होती है, दुर तक आती है.) कि चार-पांच पतियाँ तोड़कर उनकी चटनी बना लें, चटनी मतलब उसे पत्थर पर रगड़ लें मगर नमक आदि न डालें. इस चटनी को एक गिलास पानी में डालकर इतना उबालें कि पानी आधा हो जाए बाद में ठंडा करके इसका सेवन करें. इसके लिए जो बात ध्यान में रखनी है वो है इस औषधि को रात में बना लें फिर ठंडा होने के लिए रख दें (मगर फ्रिज में न रखें) और सुबह उठकर कुला करके इसका सेवन करें.

महत्वपूर्ण चीजें जो ध्यान में रखें

इस औषधि को हर रोज तैयार करें अधिक मात्रा में बनाकर न रखें. आप इसका पौधा घर पर भी लगा सकते हैं, यह बहुत कम समय तथा जगह में तैयार हो जाता है.  इसका सेवन हो सके तो बिना छाने करें, परिणाम बहुत जल्दी मिलता है. यह औषधि पुराने से पुराने गठिया रोग को ठीक कर सकती है. अगर बीमारी कि शुरुआत है तो तीन या चार दिन ही लें, अगर बहुत पुरानी बीमारी है तो पन्द्रह से बीस दिन ले सकते हैं. यह औषधि बहुत स्ट्रोंग है तो आप इस औषधि का अकेले ही लें यानि साथ में और दवाई न लें.

और बीमारियाँ जिनमें यह फायदेमंद है

इसके साथ ही यह बुखार में भी कारगर है जैसे कि डेंगू, ब्रेन मलेरिया, चिकनगुनिया या ऐसा कोई बुखार जिसमें शरीर के अन्दर दर्द होता हो तो भी इसके परिणाम बहुत अच्छे हैं. एलोपैथी से जो बुखार छह महीने में ठीक होगा उस बुखार को यह औषधि छह दिन में ठीक कर देगी. यह औषधि वे लोग भी ले सकते हैं जिनको वात कि बीमारी है, यह उसमें भी कारगर है.

राजीव दीक्षित जी से एक व्यक्ति ने प्रश्न पूछा कि यह औषधि स्ट्रोंग है तो क्या वृद्ध लोगों को दे सकते हैं तो उन्होंने कहा बिलकुल वृद्ध लोगों में तो यह कुछ और बीमारियों का भी नाश करती है जैसे कि मूत्र में रूकावट, बूंद-बूंद करके पेशाब आना, पेशाब आते समय जलन होना इत्यादि.

राजीव दीक्षित जी इसकी तारीफ करते हुए कहते हैं कि जिन लोगों के knee joint तथा hip joint बदलने तक कि नौबत आ गई है तो भी आप इस औषधि का इसी तरीके से इस्तेमाल करके अपने knee joint तथा hip joint रिपेयर कर सकते हैं. राजीव दीक्षित जी इसके बारे में आगे कहते है कि आप भूलकर भी knee joint तथा hip joint न बदलवाएँ क्योंकि जो भगवान ने दे दिए वे दे दिए और कोई आपको यह नहीं दे सकता. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भी अपने knee joint बदलवाए थे मगर इससे उनकी तकलीफ और बढ़ गई, जितना वे चल फिर रहे थे उतना भी नहीं चल-फिर पाए थे अपने knee joint बदलवाने के बाद. अब आप सोचिए अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है तो आप तो एक आम आदमी है.

राजीव दीक्षित जी कहते हैं कि आप कभी भी पैसे का घमंड न करें कि मेरे पास तो पैसा है मैं तो knee joint तथा hip joint बदलवा सकता हूँ. आप सोचते हैं कि अमेरिका का डॉक्टर है बहुत बड़ी डिग्री है इसके पास ये तो मुझे ठीक कर ही देगा, ऐसा बिलकुल नहीं है. आप इस बताई गई औषधि से बिलकुल ठीक हो सकते हैं. एक बार इसे ले कर तो देखें, फिर अगर आप चाहें तो अपने जॉइंट बदलवा लें. मगर यह बिलकुल भी कारगर नहीं है.

 

Please follow and like us:

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *